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खास महल की जमीन पर चला बुलडोजर, लिट्टी दरबार के पास अवैध होटल ध्वस्त
खास महल की जमीन पर बुलडोजर एक्शन, होटल ध्वस्त; बिना नोटिस कार्रवाई पर भड़के स्थानीय
हजारीबाग। खास महल की जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ हजारीबाग सदर अंचल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लिट्टी दरबार के समीप बने एक होटल के निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। मौजा कैंटोनमेंट स्थित होल्डिंग संख्या 188 में हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार ने किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही और मौके पर काफी देर तक लोगों तथा अधिकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
1978 के बाद लीज नवीनीकरण नहीं होने का दावा
सदर सीओ आशुतोष कुमार के अनुसार संबंधित भूमि खास महल की जमीन के अंतर्गत आती है और वर्ष 1978 के बाद इस जमीन की लीज का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि पुराने लीजधारकों से संबंधित लोग वर्तमान में मौके पर मौजूद नहीं हैं। इसी आधार पर जमीन की स्थिति की जांच और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई।
प्रशासन के मुताबिक जमीन के एक हिस्से में पिछले कई वर्षों से आदिवासी परिवार रह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन परिवारों को कार्रवाई से अलग रखा गया है, जबकि उनकी आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए जाने की शिकायतें मिली थीं।
होटल के साथ दूसरे निर्माण पर भी प्रशासन की नजर
कार्रवाई के दौरान जमीन के अंदरूनी हिस्से में एक और अर्धनिर्मित मकान का निर्माण भी सामने आया। सीओ के अनुसार इस निर्माण की जांच की जा रही है और नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आसपास की जमीनों की पैमाइश शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी या खास महल की जमीन पर अन्य स्थानों पर भी अतिक्रमण तो नहीं है।
संदिग्ध गतिविधियों और नशे के कारोबार की शिकायतों का भी जिक्र
अधिकारी के मुताबिक संबंधित परिसर को लेकर पुलिस-प्रशासन को संदिग्ध गतिविधियों और नशे के कारोबार से जुड़ी शिकायतें भी मिली थीं। हालांकि इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि जमीन की स्थिति और प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
वहीं प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने दावा किया कि वह करीब 26 वर्षों से वहां होटल चला रहा था और कार्रवाई से पहले उसे पर्याप्त कानूनी नोटिस नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ अचानक पहुंची और कम समय में सामान हटाने का निर्देश देने के बाद बुलडोजर चला दिया गया। उनका कहना था कि इतने कम समय में होटल के अंदर रखा पूरा सामान सुरक्षित निकालना संभव नहीं था।
कार्रवाई के दौरान एक महिला की अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। महिला सामान और गृहस्थी बचाने की गुहार लगाती नजर आई। दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना था कि संबंधित लोगों को पहले भी कार्रवाई को लेकर आगाह किया जा चुका था।
अतिक्रमण पर सख्ती या पहले पर्याप्त मोहलत?
हजारीबाग में खास महल और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर प्रशासनिक सख्ती और प्रभावित लोगों को कानूनी अवसर दिए जाने के सवाल को सामने ला दिया है। प्रशासन अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बता रहा है, जबकि स्थानीय लोग नोटिस और पर्याप्त समय दिए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सदर सीओ के नेतृत्व में प्रशासन की कार्रवाई, 1978 के बाद लीज नवीनीकरण नहीं होने का दावा; स्थानीय लोगों ने बिना नोटिस कार्रवाई का लगाया आरोप