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मैथन से लौट रही चलकुसा थाना पुलिस की बोलेरो ट्रेलर से टकराई, जवान राम लखन यादव की मौत; तीन पुलिसकर्मी गंभीर
तड़के चार बजे जीटी रोड पर दर्दनाक हादसा, छापेमारी से लौट रही थी पुलिस टीम; अशर्फी अस्पताल में तीन जवानों का इलाज जारी।
मैथन से लौट रही चलकुसा थाना पुलिस की बोलेरो ट्रेलर से टकराई, जवान राम लखन यादव की मौत; तीन पुलिसकर्मी गंभीर
हजारीबाग/धनबाद: झारखंड में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पुलिस महकमे को गहरे सदमे में डाल दिया। धनबाद जिले के मैथन थाना क्षेत्र में छापेमारी की कार्रवाई पूरी कर लौट रही हजारीबाग जिले के चलकुसा थाना की पुलिस टीम की सरकारी बोलेरो जीटी रोड पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में पुलिस जवान राम लखन यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नरेश कुमार, ग्रीन पासवान और गौरव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलकुसा थाना की पुलिस टीम मंगलवार तड़के छापेमारी अभियान पूरा कर सरकारी बोलेरो से हजारीबाग लौट रही थी। सुबह करीब 4 बजे बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जोड़ा पीपल के समीप जीटी रोड पर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकरा गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर घायल जवानों को वाहन से बाहर निकाला।
घायलों को तत्काल धनबाद के बरामुड़ी स्थित अशर्फी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में तीनों जवानों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार मानी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि चालक को सड़क किनारे खड़ा ट्रेलर समय पर दिखाई नहीं दिया, जिससे बोलेरो सीधे पीछे से ट्रेलर में जा घुसी। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही बरवाअड्डा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाकर जीटी रोड पर यातायात सामान्य कराया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ट्रेलर सड़क किनारे किन परिस्थितियों में खड़ा था और क्या आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
जवान राम लखन यादव के निधन की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जबकि घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार, सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हाईवे पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और निगरानी बेहद जरूरी है।