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राज्यपाल के आगमन से जनजातीय गौरव उत्सव का भव्य समापन, महिला एवं जनजातीय उद्यमियों का सम्मान

Ravindr kumar rana 24 Aug 2026, 03:58 PM 113 views
राज्यपाल के आगमन से जनजातीय गौरव उत्सव का भव्य समापन, महिला एवं जनजातीय उद्यमियों का सम्मान
ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में गूंजा जनजातीय गौरव का स्वर, देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचीं महिला उद्यमियों ने कला, संस्कृति और हुनर का किया प्रदर्शन
हजारीबाग। शहर के ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में पिछले सात दिनों से चल रहा जनजातीय गौरव उत्सव सोमवार को भव्य और गरिमामय समारोह के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में राज्यपाल के पहुंचने से कार्यक्रम का उत्साह और भी बढ़ गया। राज्यपाल ने उत्सव परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों और प्रदर्शनी का भ्रमण किया तथा जनजातीय, महिला एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों, हस्तशिल्प और कलाकृतियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉल संचालकों से संवाद करते हुए उनके कार्यों और उत्पादों की जानकारी ली तथा उनके हुनर और उद्यमिता की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। समारोह की शुरुआत राज्यपाल के ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर पहुंचने और भव्य स्वागत के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के पश्चात अतिथियों का मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ समापन समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा और विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी भी अतिथियों के समक्ष रखी गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला एवं जनजातीय उद्यमियों के आठ समूहों को सम्मानित किया गया। देश के कई राज्यों से पहुंचीं महिला उद्यमी 17 से 24 अगस्त तक चले इस आयोजन में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग राज्यों से पहुंचीं महिलाओं ने अपने उत्पादों, पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हुनर का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों के अनुसार, जनजातीय गौरव उत्सव का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि जनजातीय विरासत को संरक्षित करने के साथ महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना और अलग-अलग राज्यों की महिलाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से जोड़ना भी था। उत्सव के दौरान महिला उद्यमियों को अपने हुनर को व्यवसाय से जोड़ने, नए बाजारों को समझने और दूसरे राज्यों की कला एवं उद्यमिता से सीखने का अवसर मिला। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों ने झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और विरासत को करीब से जाना। आयोजन ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मजबूती देने का काम किया। आयोजन टीम के योगदान की सराहना समापन समारोह में आयोजन समिति के राष्ट्रीय अभियान प्रमुख राजमणि, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राम किशोर सावंत, सेक्रेटरी सुमन देमता, मुख्य संरक्षक विनोद कुमार सहित पूरी आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की गई। महिला आयोजन समिति की पूनम मिश्रा, मरियम टुड्डू, मंजू मिश्रा और सीमा सहित डॉ. गौतम तथा हजारीबाग आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट की सांस्कृतिक टीम के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया प्रभारी प्रदीप पाठक एवं उनकी मीडिया टीम, वॉलंटियर्स, प्रबंधन टीम तथा भोजन, आवास, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन समारोह में ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर जनजातीय संस्कृति, महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता के संगम का गवाह बना। आयोजन समिति ने कहा कि यह समापन किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। झारखंड की जनजातीय कला, संस्कृति, विरासत और महिला उद्यमिता को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।